https://healthierwaysoflife.blogspot.com THE HEALTH JOURNAL written and designed by VIJAY K KASHYAP

पुरानी से पुरानी खांसी का रामबाण इलाज: 7 दिनों में जड़ से खत्म करने वाला आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खा

चित्र
  पुरानी और जिद्दी खांसी के लिए आयुर्वेदिक अमृत: एक अचूक घरेलू नुस्खा बदलते मौसम और प्रदूषण के कारण आजकल खांसी की समस्या आम हो गई है। कई बार दवाइयां लेने के बाद भी खांसी पीछा नहीं छोड़ती। आयुर्वेद में रसोई में मौजूद मसालों को औषधि का दर्जा दिया गया है। आज हम एक ऐसे ही प्रभावी नुस्खे के बारे में जानेंगे जो सूखी और बलगम वाली, दोनों तरह की खांसी को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है।   आवश्यक सामग्री और उनका वैज्ञानिक महत्व : इस नुस्खे को तैयार करने के लिए आपको निम्नलिखित छह चीजों की आवश्यकता होगी -    1. कसा हुआ अदरक (4 चम्मच): अदरक में 'जिंजरॉल' नामक सक्रिय तत्व होता है जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह गले की सूजन को कम करता है और संक्रमण से लड़ता है।   2. गुड़ (6 चम्मच): गुड़ फेफड़ों की सफाई करने के लिए जाना जाता है। यह एक 'एक्सपेक्टोरेंट' की तरह काम करता है, जो जमा हुए बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है।   3. अजवाइन (1 चम्मच): इसमें 'थायमोल' होता है जो श्वसन मार्ग को साफ करता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाता है।   4. का...

अर्कमूल (Calotropis procera) के द्वारा बवासीर का प्राकृतिक उपचार


अर्कमूल से जड़ से खत्म करें बवासीर : 


बवासीर, जिसे अंग्रेज़ी में "Piles" कहा जाता है, एक सामान्य लेकिन तकलीफदेह समस्या है। लंबे समय तक कब्ज़, अनियमित जीवनशैली, और मसालेदार भोजन के कारण यह समस्या बढ़ सकती है। हालांकि, आयुर्वेद में ऐसे कई प्राकृतिक उपाय हैं जो बवासीर को जड़ से ठीक करने में सहायक होते हैं। इन्हीं उपायों में से एक है अर्कमूल (Calotropis procera) का उपयोग।



अर्कमूल क्या है?


अर्कमूल, जिसे "मदार" या "आक" भी कहते हैं, एक औषधीय पौधा है जो भारत में प्राचीन समय से चिकित्सा के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इसके पत्ते, फूल, और जड़ें सभी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। विशेष रूप से इसकी जड़ (अर्कमूल) बवासीर के इलाज में बेहद कारगर मानी जाती है।



अर्कमूल के औषधीय गुण : 


1. एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण: यह सूजन और दर्द को कम करता है।

2. कब्ज निवारक: अर्कमूल कब्ज को दूर करके मल को नरम बनाता है।

3. रक्तस्राव में लाभकारी: बवासीर में होने वाले रक्तस्राव को रोकने में सहायक।

4. एंटी-बैक्टीरियल गुण: संक्रमण के खतरे को कम करता है।




सेवन का तरीका : 


सामग्री : 
1 चम्मच अर्कमूल का पाउडर (सूखी जड़ का बना हुआ)
1 गिलास गुनगुना पानी

विधि:
1. सबसे पहले अर्कमूल की सूखी जड़ को पीसकर पाउडर बना लें।

2. रोज़ सुबह खाली पेट 1 चम्मच पाउडर को गुनगुने पानी के साथ लें।

3. लगातार 7-10 दिनों तक इसका सेवन करें, फिर एक सप्ताह का अंतराल दें।

4. अच्छे परिणाम के लिए इसे सुबह खाली पेट ही लें।




---

विशेष सावधानियां : 


1. गर्भवती महिलाएँ और बच्चे इसका सेवन न करें।

2. अधिक मात्रा में सेवन से पेट में जलन या उल्टी हो सकती है।

3. अर्कमूल हल्का विषैला होता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह से ही उपयोग करें।

4. यदि कोई एलर्जी या दुष्प्रभाव दिखे तो तुरंत इसका उपयोग बंद करें।




अतिरिक्त सुझाव : 


दिन में 8-10 गिलास पानी पिएं।
रेशेदार आहार जैसे हरी सब्ज़ियाँ और फल का सेवन बढ़ाएं।
मसालेदार और तला-भुना भोजन कम से कम खाएँ।


निष्कर्ष : 


प्राकृतिक चिकित्सा में अर्कमूल एक अनमोल भेंट है। यदि इसका सही तरीके से और उचित मात्रा में उपयोग किया जाए, तो बवासीर की समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। आयुर्वेद के इस अनमोल खजाने का लाभ उठाएँ और एक स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएँ।

लेखक : विजय कुमार कश्यप

देखने के लिए स्क्रोल करें :

इन सरल अभ्यासों और रसोई की खानपान से दिमाग को बनायें शार्प

शरीर खुद ही करता है सभी रोगों का इलाज | जानें प्रकृति के अद्भुत रहस्य और प्राकृतिक उपचार

उम्र बढ़ने के साथ शरीर से ज्यादा मन जिम्मेवार है यौन दुर्बलता हेतु : नित्य नाड़ी शोधन कर इच्छा को बलवान बनायें

नीम और हल्दी का सही उपयोग करके टाइप 2 डायबिटीज (शुगर) को कंट्रोल करें – प्राकृतिक और असरदार उपाय

गर्मी के दिनों में चना सत्तू खाने के फायदे - एक संपूर्ण गाइड

अनुशासित मन-मस्तिष्क ही राज है स्वस्थ रहने का

टाईप 2 शुगर से बचाव (Type 2 Sugar prevention) का आसान और बेहतर उपाय

कान दर्द की समस्या: पाएं असरदार आयुर्वेदिक समाधान

गहरी नींद से खुद-ब-खुद ठीक होने लगती हैं ये बीमारियाँ : फायदे जानकर हैरान रह जायेंगे

गर्मी और सर्दी की संवेदनशीलता का स्वास्थ्य पर प्रभाव : जानिए बचाव के उपाय