संदेश

2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

https://healthierwaysoflife.blogspot.com THE HEALTH JOURNAL written and designed by VIJAY K KASHYAP

पुरानी से पुरानी खांसी का रामबाण इलाज: 7 दिनों में जड़ से खत्म करने वाला आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खा

चित्र
  पुरानी और जिद्दी खांसी के लिए आयुर्वेदिक अमृत: एक अचूक घरेलू नुस्खा बदलते मौसम और प्रदूषण के कारण आजकल खांसी की समस्या आम हो गई है। कई बार दवाइयां लेने के बाद भी खांसी पीछा नहीं छोड़ती। आयुर्वेद में रसोई में मौजूद मसालों को औषधि का दर्जा दिया गया है। आज हम एक ऐसे ही प्रभावी नुस्खे के बारे में जानेंगे जो सूखी और बलगम वाली, दोनों तरह की खांसी को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है।   आवश्यक सामग्री और उनका वैज्ञानिक महत्व : इस नुस्खे को तैयार करने के लिए आपको निम्नलिखित छह चीजों की आवश्यकता होगी -    1. कसा हुआ अदरक (4 चम्मच): अदरक में 'जिंजरॉल' नामक सक्रिय तत्व होता है जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह गले की सूजन को कम करता है और संक्रमण से लड़ता है।   2. गुड़ (6 चम्मच): गुड़ फेफड़ों की सफाई करने के लिए जाना जाता है। यह एक 'एक्सपेक्टोरेंट' की तरह काम करता है, जो जमा हुए बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है।   3. अजवाइन (1 चम्मच): इसमें 'थायमोल' होता है जो श्वसन मार्ग को साफ करता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाता है।   4. का...

इरेक्टाइल डिसफंक्शन की आयुर्वेदिक दवा

चित्र
इरेक्टाइल डिसफंक्शन :   आज नये फैशन के दौर में इरेक्टाइल डिसफंक्शन और हर्ट अटैक - जैसी ये दो बिमारियों से लोग त्रस्त हैं और आर्थिक-मानसिक परेशानियाँ झेल रहे हैं।            आपको यह जानकर बड़ी हैरानी होगी कि  ये दोनों ही ह्रदय (दिल) और पुरुषों का जनेन्द्रिय (लिंग) इन दोनों के Blood vessels की बनावट लगभग एक समान हैं जो काफी नाजुक होते हैं। इतना ही नहीं ये दोनों इतने अन्तर्संबंधित हैं कि एक  दूसरे के लिए बटन का कार्य भी करते हैं।           दोनों ही मर्ज के इलाज में काम आने वाले  रसायन भी एक है - नाइट्रिक आक्साइड (NO) इसके लिए इससे युक्त भोज्य पदार्थ जैसे - चुकन्दर, पालक, अदरख, लहसुन, सेब, अनार, चिकन की उचित मात्रा लेना लाभप्रद होता है।  इरेक्टाइल डिसफंक्शन (स्तंभन दोष) में आयुर्वेदिक औषधियां : स्तंभन दोष (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) एक ऐसी स्थिति है जिसमें पुरुष यौन संबंध के लिए पर्याप्त रूप से लिंग में कठोरता प्राप्त या बनाए नहीं रख पाता है। आयुर्वेद में इसे 'क्लैब्य' के रूप में जाना जाता है और इसका उपचार शरीर के तीन...