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पुरानी से पुरानी खांसी का रामबाण इलाज: 7 दिनों में जड़ से खत्म करने वाला आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खा

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  पुरानी और जिद्दी खांसी के लिए आयुर्वेदिक अमृत: एक अचूक घरेलू नुस्खा बदलते मौसम और प्रदूषण के कारण आजकल खांसी की समस्या आम हो गई है। कई बार दवाइयां लेने के बाद भी खांसी पीछा नहीं छोड़ती। आयुर्वेद में रसोई में मौजूद मसालों को औषधि का दर्जा दिया गया है। आज हम एक ऐसे ही प्रभावी नुस्खे के बारे में जानेंगे जो सूखी और बलगम वाली, दोनों तरह की खांसी को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है।   आवश्यक सामग्री और उनका वैज्ञानिक महत्व : इस नुस्खे को तैयार करने के लिए आपको निम्नलिखित छह चीजों की आवश्यकता होगी -    1. कसा हुआ अदरक (4 चम्मच): अदरक में 'जिंजरॉल' नामक सक्रिय तत्व होता है जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह गले की सूजन को कम करता है और संक्रमण से लड़ता है।   2. गुड़ (6 चम्मच): गुड़ फेफड़ों की सफाई करने के लिए जाना जाता है। यह एक 'एक्सपेक्टोरेंट' की तरह काम करता है, जो जमा हुए बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है।   3. अजवाइन (1 चम्मच): इसमें 'थायमोल' होता है जो श्वसन मार्ग को साफ करता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाता है।   4. का...

गर्मी के दिनों में चना सत्तू खाने के फायदे - एक संपूर्ण गाइड


गर्मी के दिनों में चना सत्तू : एक सुपर फुड 

गर्मी का मौसम आते ही, शरीर को ठंडक और पोषण दोनों की ज़रूरत होती है। ऐसे में, चना सत्तू एक ऐसा सुपरफूड है जो इन दोनों ज़रूरतों को बखूबी पूरा करता है। बिहार, झारखण्ड और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सदियों से लोकप्रिय, सत्तू अब पूरे भारत में अपनी पौष्टिक और ताज़गी भरी खूबियों के लिए जाना जाने लगा है। आइए जानते हैं गर्मी में सत्तू खाने के क्या फायदे हैं और इसे कब, कितनी और कैसे खाना/पीना चाहिए।

गर्मी में सत्तू खाने के अद्भुत फायदे:

 * प्राकृतिक ठंडक प्रदान करता है: सत्तू की तासीर ठंडी होती है, जो गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करती है और लू लगने से बचाती है।

 * ऊर्जा का त्वरित स्रोत: इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे आप दिन भर तरोताज़ा और सक्रिय महसूस करते हैं। यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो धूप में काम करते हैं।

 * पाचन में सहायक: सत्तू में भरपूर मात्रा में घुलनशील फाइबर होता है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।

 * पोषक तत्वों से भरपूर: यह प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैंगनीज और मैग्नीशियम जैसे कई आवश्यक पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत है। यह शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का एक उत्कृष्ट विकल्प है।

 * ब्लड शुगर नियंत्रित करने में मददगार: इसका कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ने देता है, जिससे यह मधुमेह रोगियों के लिए भी एक अच्छा विकल्प है।

 * वजन घटाने में सहायक: फाइबर से भरपूर होने के कारण यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे अनावश्यक खाने से बचा जा सकता है और वजन नियंत्रण में मदद मिलती है।

 * शरीर को डिटॉक्स करता है: सत्तू प्राकृतिक रूप से शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।

सत्तू कब, कितनी और कैसे खाएं/पिएं?

सत्तू को विभिन्न तरीकों से खाया या पिया जा सकता है, जो इसे और भी टेस्टी बनाता है:

 * कब खाएं/पिएं:

   * सुबह नाश्ते में: यह दिन की शुरुआत करने का एक शानदार तरीका है, क्योंकि यह तुरंत ऊर्जा देता है और आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है।

   * दोपहर के भोजन से पहले: गर्मी में दोपहर की भूख को शांत करने के लिए आप इसे हल्के पेय के रूप में ले सकते हैं।

   * वर्कआउट के बाद: यह मांसपेशियों की रिकवरी और खोई हुई ऊर्जा को फिर से पाने में मदद करता है।

 * कितनी मात्रा में:

   * आम तौर पर, एक वयस्क दिन में 2-3 चम्मच (लगभग 30-40 ग्राम) सत्तू का सेवन कर सकता है। हालांकि, यह आपकी व्यक्तिगत ज़रूरतों और शारीरिक गतिविधि के स्तर पर निर्भर करता है। अधिक सेवन से बचें, क्योंकि फाइबर की अधिकता कुछ लोगों में गैस या पेट फूलने का कारण बन सकती है।

 * कैसे खाएं/पिएं (बनाने के तरीके):

   * सत्तू शरबत (नमकीन):

     * एक गिलास ठंडा पानी लें।

     * इसमें 2-3 चम्मच सत्तू डालें।

     * एक चुटकी काला नमक, भुना हुआ जीरा पाउडर और नींबू का रस मिलाएं।

     * बारीक कटी हुई हरी मिर्च और धनिया पत्ती (वैकल्पिक) डालें।

     * अच्छे से मिलाएं और तुरंत पिएं। यह गर्मी में तुरंत ताजगी और ऊर्जा देता है।

   * सत्तू शरबत (मीठा):

     * एक गिलास ठंडा दूध या पानी लें।

     * इसमें 2-3 चम्मच सत्तू डालें।

     * स्वाद के अनुसार गुड़, शहद या मिश्री मिलाएं।

     * अच्छे से मिलाएं और पिएं। यह बच्चों और उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें मीठा पसंद है।

   * सत्तू पराठा/लिट्टी:

     * सत्तू में बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, अदरक, लहसुन, धनिया पत्ती, अजवाइन, कलौंजी, नींबू का रस और अचार का मसाला (वैकल्पिक) मिलाकर स्वादिष्ट भरावन तैयार करें।

     * इस भरावन का उपयोग पराठे या लिट्टी बनाने के लिए करें। यह एक स्वादिष्ट और पेट भरने वाला विकल्प है।

   * सत्तू लड्डू:

     * सत्तू को घी में भूनकर, गुड़ या चीनी और सूखे मेवों के साथ मिलाकर पौष्टिक लड्डू बना सकते हैं।

टेस्ट और गुण बढ़ाने के लिए सतू में क्या डालें?

सत्तू की पौष्टिकता और स्वाद को बढ़ाने के लिए आप इसमें कई चीज़ें शामिल कर सकते हैं:

 * नींबू का रस: यह न केवल स्वाद बढ़ाता है बल्कि विटामिन सी भी प्रदान करता है, जो आयरन के अवशोषण में मदद करता है।

 * पुदीने के पत्ते: ताज़े पुदीने के पत्ते ठंडक और एक अलग ही स्वाद प्रदान करते हैं।

 * भुना हुआ जीरा पाउडर: यह पाचन में सुधार करता है और नमकीन सत्तू शरबत में बेहतरीन स्वाद जोड़ता है।

 * काला नमक/सेंधा नमक: यह इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है, खासकर गर्मी में।

 * बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च: नमकीन सत्तू शरबत में क्रंच और तीखापन जोड़ते हैं।

 * गुड़/शहद: मीठे सत्तू शरबत में चीनी की जगह गुड़ या शहद का प्रयोग करें, जो प्राकृतिक मिठास और अतिरिक्त पोषक तत्व प्रदान करते हैं।

 * ड्राई फ्रूट्स और नट्स (लड्डू या दलिया में): बादाम, काजू, अखरोट और किशमिश जैसे सूखे मेवे और नट्स डालने से प्रोटीन, स्वस्थ वसा और विटामिन की मात्रा बढ़ जाती है।

 * फल (मीठे सत्तू में): केला या आम जैसे कटे हुए फल मीठे सत्तू के साथ मिलाकर एक पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता बन सकता है।

 * दही: सत्तू को दही के साथ मिलाकर एक गाढ़ा और ठंडा पेय बना सकते हैं, जो प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है।

निष्कर्ष:

गर्मी के मौसम में चना सत्तू एक वरदान से कम नहीं है। यह न केवल आपके शरीर को ठंडा रखता है बल्कि आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण आपको स्वस्थ और ऊर्जावान भी बनाए रखता है। इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें और गर्मी को मात दें, सत्तू के साथ!

लेखक : विजय कुमार कश्यप 


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