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पुरानी से पुरानी खांसी का रामबाण इलाज: 7 दिनों में जड़ से खत्म करने वाला आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खा

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  पुरानी और जिद्दी खांसी के लिए आयुर्वेदिक अमृत: एक अचूक घरेलू नुस्खा बदलते मौसम और प्रदूषण के कारण आजकल खांसी की समस्या आम हो गई है। कई बार दवाइयां लेने के बाद भी खांसी पीछा नहीं छोड़ती। आयुर्वेद में रसोई में मौजूद मसालों को औषधि का दर्जा दिया गया है। आज हम एक ऐसे ही प्रभावी नुस्खे के बारे में जानेंगे जो सूखी और बलगम वाली, दोनों तरह की खांसी को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है।   आवश्यक सामग्री और उनका वैज्ञानिक महत्व : इस नुस्खे को तैयार करने के लिए आपको निम्नलिखित छह चीजों की आवश्यकता होगी -    1. कसा हुआ अदरक (4 चम्मच): अदरक में 'जिंजरॉल' नामक सक्रिय तत्व होता है जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह गले की सूजन को कम करता है और संक्रमण से लड़ता है।   2. गुड़ (6 चम्मच): गुड़ फेफड़ों की सफाई करने के लिए जाना जाता है। यह एक 'एक्सपेक्टोरेंट' की तरह काम करता है, जो जमा हुए बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है।   3. अजवाइन (1 चम्मच): इसमें 'थायमोल' होता है जो श्वसन मार्ग को साफ करता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाता है।   4. का...

वज्रासन कब, कैसे और कितनी देर करें : इसे करने के हैं अनगिनत फायदे



वज्रासन क्या है ? 

'वज्रासन' संस्कृत शब्द 'वज्र' से बना है, जिसका अर्थ है 'दृढ़' या 'ठोस'। यह एक सरल लेकिन प्रभावशाली योगासन है, जिसमें व्यक्ति घुटनों के बल बैठता है और एड़ियों पर नितंब रखता है। यह आसन पाचन तंत्र को सुदृढ़ करता है और मानसिक शांति भी प्रदान करता है।

वज्रासन कैसे करें.. ? (विधि) : 


  1. योगा मैट पर घुटनों के बल बैठें। 
  2. पैरों को पीछे की ओर सीधा रखें, पंजे ज़मीन से लगे रहें और एड़ियाँ बाहर की ओर हों।
  3. नितंबों को एड़ियों के ऊपर रखें ताकि शरीर का भार समान रूप से वितरित हो।
  4. हाथों को घुटनों पर रखें, हथेलियाँ नीचे की ओर रहें।
  5. रीढ़ को सीधा रखें और नजरें सामने या आँखें बंद रखें।
  6. धीरे-धीरे सामान्य गति से श्वास लें और छोड़ें।

वज्रासन कब करें ? : 

  • भोजन के बाद:  यह एकमात्र योगासन है जो भोजन के तुरंत बाद किया जा सकता है।

  • ध्यान या प्राणायाम से पहले: मानसिक एकाग्रता के लिए उत्तम आसन है।

  • सुबह-शाम खाली पेट: यदि ध्यान या वजन घटाने के लिए कर रहे हैं।

वज्रासन कितनी देर करें.. ? 

  • शुरुआत में ५ मिनट से शुरू करें।
  • फिर १५-३० मिनट तक बैठने का अभ्यास करें।
  • भोजन के बाद कम से कम १० मिनट करें।

वज्रासन के फायदे : 

  • पाचन शक्ति में सुधार
  • गैस, कब्ज, एसिडिटी से राहत
  • पेट की चर्बी कम करता है
  • ध्यान और प्राणायाम में सहायक
  • मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाता है
  • डायबिटीज और ब्लड प्रेशर नियंत्रण में मददगार

  • प्रजनन तंत्र और मासिक धर्म समस्याओं में फायदेमंद 

सावधानियां : 

  • घुटनों में गंभीर दर्द या चोट हो तो न करें
  • स्पाइनल समस्या या हर्निया हो तो डॉक्टर से सलाह लें
  • दर्द बढ़े तो अभ्यास तुरंत रोकें

निष्कर्ष : 

वज्रासन एक आसान, लेकिन अत्यंत लाभकारी योगासन है जिसे हर आयु वर्ग का व्यक्ति कर सकता है। यह आपके पाचन से लेकर मानसिक स्थिति तक सुधार लाता है और कई रोगों से बचाव भी करता है।

लेखक : विजय कुमार कश्यप


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